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चुकंदर ठंडा होता है या फिर गर्म? जानें इसका सेवन करने का सही तरीका क्या है?

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 चुकंदर एक गर्म तासीर वाली सब्जी मानी जाती है। यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, लेकिन इसमें भरपूर पानी और पोषक तत्व होने के कारण यह शरीर को ठंडक भी देता है। इसलिए इसे संतुलित आहार के रूप में सही मात्रा में लेना जरूरी है। चुकंदर सेवन करने का सही तरीका: कच्चा सलाद में: इसे कद्दूकस करके या टुकड़ों में काटकर सलाद में खा सकते हैं। जूस के रूप में: चुकंदर का जूस पीना फायदेमंद होता है, लेकिन इसे खाली पेट अधिक मात्रा में न लें। उबालकर: हल्का उबालकर या सूप में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। स्मूदी में: इसे गाजर, सेब या संतरे के साथ मिलाकर स्मूदी बना सकते हैं। परांठे या सब्जी में: इसे आटे में मिलाकर परांठे बना सकते हैं या सब्जी में डाल सकते हैं। ध्यान रखने योग्य बातें: ज्यादा मात्रा में सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। लो ब्लड प्रेशर वालों को इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए। रात में अधिक मात्रा में खाने से बचें, खासकर जूस। पथरी के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर से पूछकर करना चाहिए।

क्या बार बार पाद आना सेहत के लिए कोई गंभीर समस्या की चेतावनी है

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बार-बार पाद आना (अत्यधिक गैस बनना) आमतौर पर पाचन से जुड़ी एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर यह बहुत ज्यादा हो रहा है और अन्य लक्षणों के साथ है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। संभावित कारण: खान-पान की आदतें – ज्यादा फाइबर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, मसालेदार खाना, दूध (लैक्टोज इन्टॉलरेंस) हवा निगलना – तेज खाने, च्युइंग गम चबाने, या स्ट्रॉ से पीने से पाचन तंत्र की समस्याएं – इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) एसिडिटी या गैस्ट्रिक समस्या लैक्टोज या ग्लूटेन इन्टॉलरेंस इंफेक्शन या पेट में कीड़े गंभीर बीमारियां (कम मामलों में) – क्रोहन डिजीज या अल्सरेटिव कोलाइटिस पैंक्रियाज की समस्याएं लीवर या गॉल ब्लैडर से जुड़ी समस्याएं कब डॉक्टर से संपर्क करें? अगर साथ में ये लक्षण हों तो डॉक्टर से मिलें: ✅ लगातार पेट दर्द या ऐंठन ✅ बहुत ज्यादा डकार या बदबूदार गैस ✅ वजन घटना ✅ मल में खून आना ✅ लगातार डायरिया या कब्ज घरेलू उपाय: खाने को धीरे-धीरे चबाकर खाएं बहुत ज्यादा फाइबर और तली-भुनी चीजों से बचें प्रोबायोटिक्स (दही) का सेवन करें ज्यादा पानी पिएं और रोज़ाना थोड़ा...

How do I choose the best Ayurvedic medicine for knee pain

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  How to Choose the Best Ayurvedic Medicine for Knee Pain Knee pain is a common health issue that affects people of all ages, often limiting mobility and daily activities. Whether caused by aging, injury, arthritis, or other medical conditions, knee pain can significantly impact quality of life. While modern medicine offers various treatments, many people are turning to Ayurvedic medicine for natural and long-lasting relief. Ayurveda, an ancient Indian healing system, provides holistic solutions that address the root cause of knee pain rather than just the symptoms. However, choosing the best Ayurvedic medicine for knee pain can be challenging with so many options available. This blog will guide you on how to select the right Ayurvedic remedy that suits your needs. Understanding Knee Pain in Ayurveda According to Ayurveda, knee pain is primarily caused by an imbalance in the Vata Dosha (the element resp...

मेरे बालक एक खिलाड़ी बने उसके लिए क्या करना पड़ेगा अभी उसकी उम्र 6 साल है

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  आपका सपना बहुत प्यारा है भाई! ❤️ अगर आप चाहते हैं कि आपका बेटा एक खिलाड़ी (Player) बने तो ये सफर अभी से शुरू हो सकता है। 6 साल की उम्र खेल की दुनिया में कदम रखने के लिए बिल्कुल सही समय है। 🔑 बच्चे को खिलाड़ी बनाने के लिए जरूरी बातें: 1. खेल में रुचि पहचानें (Interest पहचाने) सबसे पहले देखिए कि बच्चे को कौन सा खेल पसंद है। कुछ बच्चे क्रिकेट पसंद करते हैं, कुछ फुटबॉल, बैडमिंटन, तैराकी या एथलेटिक्स। 👉 उसको 2-3 खेलों से शुरू करवाइए और देखिए कि वो किस खेल में ज्यादा रुचि लेता है। 2. फिजिकल फिटनेस पर ध्यान दें खिलाड़ी के लिए फिटनेस सबसे जरूरी चीज है। बच्चे को रोजाना ये करवाएं: सुबह की सैर हल्की दौड़ रस्सीकूद योगा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज 3. खेल की ट्रेनिंग दिलवाएं बिना ट्रेनिंग के कोई खिलाड़ी नहीं बन सकता। 👉 बच्चे को किसी अच्छे स्पोर्ट्स कोचिंग सेंटर में डालें। वहां पर उसे खेल के सही नियम, तकनीक और फिटनेस की ट्रेनिंग दी जाएगी। 4. डाइट पर ध्यान दें (Healthy Diet) खिलाड़ी का शरीर तभी मजबूत बनेगा जब उसकी डाइट अच्छी होगी। बच्चे को ये चीजें जरूर दें: खाना फ...

बाल किस विटामिन कि कमि से सफेद होती है

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 बालों के सफेद होने का मुख्य कारण मेलानिन (Melanin) की कमी होती है, जो बालों को उनका प्राकृतिक रंग देता है। यह कमी कई कारणों से हो सकती है, जिनमें से विटामिन की कमी भी एक प्रमुख वजह हो सकती है। खासतौर पर निम्नलिखित विटामिन की कमी बालों को सफेद कर सकती है: विटामिन B12 – इसकी कमी से बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं क्योंकि यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और हेयर फॉलिकल्स को पोषण देने में मदद करता है। विटामिन D – यह बालों की ग्रोथ और रंग बनाए रखने में सहायक होता है। इसकी कमी से बाल कमजोर और सफेद हो सकते हैं। विटामिन E – यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और बालों को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाता है। विटामिन B5 (पैंटोथेनिक एसिड) – यह बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद करता है। फोलिक एसिड (विटामिन B9) – यह शरीर में आयरन और RBC (Red Blood Cells) के निर्माण में मदद करता है, जिससे बालों की सेहत बनी रहती है। कॉपर और आयरन – इनकी कमी से भी बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं क्योंकि ये मेलानिन उत्पादन में मदद करते हैं समाधान संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, फल, नट्स, डेयरी प्रोडक...

अपने मुंह की बदबू को ठीक कर लीजिए

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  मुंह की बदबू दूर करने के आसान और प्रभावी उपाय मुंह की बदबू (Bad Breath) एक आम समस्या है, जो आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है। यह कई कारणों से हो सकती है, जैसे खराब ओरल हाइजीन, पेट की समस्या या कुछ विशेष खाद्य पदार्थों का सेवन। आइए जानें कि इसे कैसे दूर किया जा सकता है। 1. दैनिक रूप से ब्रश और फ्लॉस करें हर दिन दो बार ब्रश करें और फ्लॉस का इस्तेमाल करें। जीभ को भी साफ करें, क्योंकि इस पर बैक्टीरिया जमा होते हैं जो बदबू का कारण बन सकते हैं। 2. पर्याप्त पानी पिएं शरीर में पानी की कमी से मुंह सूख जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और बदबू उत्पन्न होती है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से यह समस्या कम हो सकती है। 3. ताजगी देने वाले खाद्य पदार्थ खाएं सौंफ, लौंग, इलायची और तुलसी के पत्ते चबाने से मुंह की बदबू कम होती है। यह नेचुरल तरीके से मुंह को फ्रेश रखते हैं। 4. कैफीन और शराब से बचें कैफीन और शराब मुंह को सुखाते हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं। इनका कम सेवन करें और पानी ज्यादा पिएं। 5. माउथवॉश का प्रयोग करें एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का उपयोग करने से मुंह की ...

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BOOK NOW BOOK NOW BOOK NOW   बवासीर का घरेलू उपाय: दर्द और जलन से तुरंत राहत पाने के प्राकृतिक तरीके बवासीर (पाइल्स) एक आम समस्या है, जो अस्वस्थ खान-पान और खराब जीवनशैली के कारण होती है। इसमें गुदा क्षेत्र की नसें सूज जाती हैं, जिससे दर्द, खुजली और कभी-कभी रक्तस्राव भी होता है। इस समस्या से बचने के लिए कई प्राकृतिक और घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं बवासीर के घरेलू उपचार के बारे में। बवासीर के लक्षण गुदा क्षेत्र में दर्द और जलन मल त्याग के दौरान खून आना गुदा के पास सूजन या गांठ लंबे समय तक कब्ज रहना खुजली और असहजता महसूस होना बवासीर के घरेलू उपाय 1. फाइबर युक्त आहार का सेवन करें फाइबर पाचन को सुधारने में मदद करता है और मल को नरम बनाता है, जिससे मलत्याग आसान हो जाता है। बवासीर के मरीजों को इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए: साबुत अनाज (गेहूं, जई, ज्वार, बाजरा) फल (पपीता, केला, सेब, नाशपाती) हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी, सरसों) ड्राई फ्रूट्स (अंजीर, किशमिश, बादाम) 2. भरपूर मात्रा में पानी पि...

कब्ज की रामबाण दवाई

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  कब्ज की रामबाण दवाई... वैद जी कब्ज एक आम समस्या है, जिससे कई लोग जूझते हैं। यह समस्या तब होती है जब पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य नहीं करता और मल त्याग में कठिनाई होती है। यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। इस लेख में हम कब्ज की रामबाण दवा और घरेलू नुस्खों के बारे में विस्तार से जानेंगे, जिससे आपको तुरंत राहत मिल सके। कब्ज के कारण पानी की कमी फाइबर युक्त भोजन की कमी अधिक जंक फूड का सेवन शारीरिक गतिविधि की कमी मानसिक तनाव और चिंता कब्ज की रामबाण दवा त्रिफला चूर्ण – आयुर्वेदिक औषधि त्रिफला कब्ज को दूर करने में बेहद प्रभावी है। इसे रात में गर्म पानी के साथ लेने से फायदा मिलता है। इसबगोल की भूसी – फाइबर से भरपूर इसबगोल कब्ज के लिए एक बेहतरीन उपाय है। इसे दूध या गुनगुने पानी के साथ लेने से मल त्याग आसान हो जाता है। कैस्टर ऑयल – अरंडी का तेल प्राकृतिक रूप से मल को मुलायम बनाता है और आंतों को साफ करता है। सोडियम पिकोसल्फेट सिरप – यह एक प्रभावी मेडिकल दवा है, जो डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए। डुलकोलेक्स टैबलेट – यह कब्ज के इलाज के लिए एक प्रसिद...