चुकंदर ठंडा होता है या फिर गर्म? जानें इसका सेवन करने का सही तरीका क्या है?

अगर आप चाहते हैं कि आपका बेटा एक खिलाड़ी (Player) बने तो ये सफर अभी से शुरू हो सकता है। 6 साल की उम्र खेल की दुनिया में कदम रखने के लिए बिल्कुल सही समय है।
सबसे पहले देखिए कि बच्चे को कौन सा खेल पसंद है।
कुछ बच्चे क्रिकेट पसंद करते हैं, कुछ फुटबॉल, बैडमिंटन, तैराकी या एथलेटिक्स।
👉 उसको 2-3 खेलों से शुरू करवाइए और देखिए कि वो किस खेल में ज्यादा रुचि लेता है।
खिलाड़ी के लिए फिटनेस सबसे जरूरी चीज है।
बच्चे को रोजाना ये करवाएं:
बिना ट्रेनिंग के कोई खिलाड़ी नहीं बन सकता।
👉 बच्चे को किसी अच्छे स्पोर्ट्स कोचिंग सेंटर में डालें।
वहां पर उसे खेल के सही नियम, तकनीक और फिटनेस की ट्रेनिंग दी जाएगी।
खिलाड़ी का शरीर तभी मजबूत बनेगा जब उसकी डाइट अच्छी होगी।
बच्चे को ये चीजें जरूर दें:
खाना | फायदा |
---|---|
दूध | हड्डियों के लिए |
फल | एनर्जी के लिए |
ड्राई फ्रूट्स | स्टैमिना के लिए |
हरी सब्जियां | इम्यूनिटी के लिए |
अंडे | प्रोटीन के लिए |
खिलाड़ी के लिए डिसिप्लिन सबसे बड़ा हथियार है।
बच्चे को सिखाएं कि हर काम समय पर करें –
खेल सिर्फ शरीर का खेल नहीं है, बल्कि दिमाग का भी होता है।
बच्चे को सिखाएं कि हार से कभी घबराना नहीं है।
हर हार एक सीख होती है।
👉 बच्चे को महान खिलाड़ियों के बारे में बताएं –
उनके वीडियो दिखाएं और कहें –
"अगर वो कर सकते हैं तो तुम भी कर सकते हो बेटा!"
बच्चे को स्कूल के खेल आयोजनों में भाग लेने के लिए कहें।
वहां से उसकी स्पोर्ट्स में पहचान बनेगी।
भारत सरकार हर खेल के लिए एकेडमी चलाती है जैसे:
👉 समय पर अपने बच्चे का रजिस्ट्रेशन करवाएं।
बच्चे को कभी डांटे नहीं।
खिलाड़ी बनने में सालों लगते हैं, इसलिए धैर्य रखें और हर कदम पर उसकी हौसला-अफजाई करें।
आपका बेटा एक खिलाड़ी जरूर बनेगा अगर आप उसके पीछे एक मजबूत दीवार बनकर खड़े रहेंगे।
याद रखें –
👉 बच्चे से ज्यादा माता-पिता का विश्वास उसे खिलाड़ी बनाता है।